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केरल में ईसाई धर्मगुरु का विवादित बयान, कहा- 'HIV टेस्ट के बाद ही चर्च में हो शादी'

 Written By: Vineet Kumar Singh
 Published : Sep 04, 2026 08:00 am IST,  Updated : Sep 04, 2026 08:00 am IST

केरल के तिरुवनंतपुरम में मार थोमा चर्च के पादरी रेव. डॉ. के. थॉमस ने चर्च में शादी से पहले HIV टेस्ट कराने का सुझाव दिया। 30 अगस्त को स्कूल कार्यक्रम में दिए इस बयान पर समुदाय और सोशल मीडिया पर जमकर विरोध हो रहा है।

HIV test before marriage, Kerala church controversy- India TV Hindi
मार थोमा चर्च के पादरी रेव. डॉ. के. थॉमस। Image Source : INDIA TV SCREENGRAB

Highlights

  • मार थोमा चर्च के पादरी ने शादी से पहले HIV टेस्ट कराने की मांग की।
  • तिरुवनंतपुरम में एक स्कूल के कार्यक्रम में पादरी ने विवादित बयान दिया।
  • बयान पर चर्च समुदाय के कुछ लोगों ने विरोध जताते हुए इसे अपमानजनक बताया।

तिरुवनंतपुरम: केरल के तिरुवनंतपुरम में मार थोमा चर्च के एक पादरी के बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। चर्च के पादरी और ट्रस्टी रेव. डॉ. के. थॉमस ने कहा है कि चर्च में युवक-युवतियों की शादी HIV टेस्ट कराने के बाद ही होनी चाहिए। उनके इस बयान पर चर्च समुदाय के कुछ लोगों ने आपत्ति जताई है। सोशल मीडिया पर भी पादरी के बयान की आलोचना की जा रही है।

स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में दिया बयान

पादरी के. थॉमस ने 30 अगस्त को तिरुवनंतपुरम में एक स्कूल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान यह बात कही थी। यह कार्यक्रम चर्च की ओर से आयोजित फैमिली गैदरिंग का हिस्सा था, जिसमें उन्होंने माता-पिता को संबोधित किया। पादरी ने कहा कि कर्नाटक सरकार सभी कॉलेज कैंपस में HIV टेस्ट कराने का फैसला कर रही है। इसी का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि मार थोमा चर्च में होने वाली सभी शादियों से पहले भी जोड़े का HIV टेस्ट कराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा,

'मैं चाहता हूं कि मार थोमा चर्च में होने वाली सभी शादियां ऐसे टेस्ट के बाद ही हों। पैरेंट्स, मेरी बात का बुरा मत मानिए।'

बेटी की शादी को लेकर भी कही बात

पादरी ने माता-पिता को संबोधित करते हुए अपनी बेटी की शादी से पहले उसके साथ किसी तरह की गलत हरकत या शोषण न होने की बात सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा,

'जब माता-पिता अपनी 27 साल की बेटी को दुल्हन बनाकर चर्च लाते हैं, तो उन्हें यह पक्का कर लेना चाहिए कि उसके साथ कोई गलत हरकत या शोषण नहीं हुआ है।'

पादरी ने यह भी कहा कि इस फैमिली गैदरिंग का उद्देश्य माता-पिता को इसी तरह के मामलों में जागरूक और सक्षम बनाना था।

पादरी के बयान का हो रहा है विरोध

पादरी के बयान के बाद तमाम लोगों ने इसका विरोध किया है। आलोचकों का कहना है कि HIV टेस्ट को शादी से जोड़ना चर्च समुदाय के युवाओं के लिए अपमानजनक है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी कई लोगों ने पादरी के बयान की आलोचना की। उनका कहना है कि इस तरह की टिप्पणी से युवाओं की गरिमा और निजी जीवन को लेकर गलत संदेश जाता है। बता दें कि कुछ साल पहले केरल के चर्च ने आरोप लगाया था कि ईसाई महिलाओं को इस्लामिक स्टेट के जाल में फंसाया जा रहा है।

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